अरुणाचल प्रदेश के 25 जिलों में से एक तवांग बीते कई दिनों से चर्चा का मुद्दा बना हुआ है. 

तवांग वही जगह है, जहां चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच गलवान घाटी संघर्ष (2020) के बाद एक बार फिर से झड़प हुई थी.  

'लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल' (LAC) पर भारतीय सेना और चीनी सैनिकों के बीच हुए इस संघर्ष के बाद तवांग पर चर्चा शुरू हो गई 

क्या आप जानते हैं कि हिमालय की गोद में बसा ये पहाड़ी इलाका कितना खूबसूरत है. 

तवांग घूमने के लिए एक बेहतरीन और सुंदर जगह है, जहां पहाड़ियां हैं. तवांग एक शांत इलाका है. झरनों, मठों से लेकर एक्साइटिंग ट्रेक तक उत्साह का खजाना है 

यह पूर्वोत्तर में स्थित एक अद्भुत हिल स्टेशन है जो सर्दियों के महीनों के दौरान बर्फबारी से सराबोर रहता है. 

यहां कुछ ऐसे डेस्टिनेशन हैं, जो अपकी ट्रिप को और ज्यादा एक्साइटिंग बनाएंगे, जैसे गोरीचेन चोटी, सेला दर्रा, तवांग मठ, नूरनांग वाटरफॉल. 

गोरीचेन चोटी: गोरीचेन चोटी अरुणाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी है और यह अरुणाचल प्रदेश के तवांग और पश्चिम कामेंग जिलों के बीच स्थित है.  

सेला दर्रा: सेला दर्रा दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल पर्वतीय दर्रों में से एक है. यह वह सड़क है जो तवांग को असम में गुवाहाटी से जोड़ती है 

तवांग मठ को गोल्डन नामग्याल ल्हात्से के नाम से भी जाना-पहचाना जाता है. ये अरुणाचल प्रदेश के अनमोल रत्नों में से एक है. 

नूरनांग वाटरफॉल: तवांग के जंगल में कई ऐसी अनजान जगह हैं, जो बेहद सुंदर हैं. उनमें से एक नूरनांग वाटरफॉल है. 

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