अगर आप इन दिनो में कहीं घूमने जाने कि सोच रहे है, तो पुष्कर से बेहतर कोई और जगह हो ही नही सकती ,क्योंकि इन दिनो में वहां पुष्कर का मेला लगता है।

आइए आपको बताते है आखिर क्या है जो पुष्कर मेले को सबसे अलग और विश्वप्रसिद्ध बनाता है।

पुष्कर मेले के दौरान शाम को सरोवर के घाटों पर महाआरती का आयोजन किया जाता है। इस बार भी आरती के दौरान 52 घाटों पर एक साथ 10 हजार दीप प्रज्वलित किए गए।

1. महाआरती

2. पशु मेला

इस समय यहां पर पशु मेला भी आयोजित किया जाता है, जिसमें पशुओं से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम भी किए जाते हैं, जिसमें श्रेष्ठ नस्ल के पशुओं को पुरस्कृत किया जाता है।

3. विदेशी सैलानी

पुष्कर में आने वाले पर्यटकों की संख्या उससे कहीं ज्यादा है। इनमें बडी संख्या विदेशी सैलानियों की है, जिन्हें पुष्कर खास तौर पर पसंद है।

मेले के समय पुष्कर में कई संस्कृतियों का मिलन सा देखने को मिलता है।

4. संस्कृतियों का मिलन

5. सर्कस, झूले

मेला रेत के विशाल मैदान में लगाया जाता है। ढेर सारी कतार की कतार दुकानें, खाने-पीने के स्टाल, सर्कस, झूले और न जाने क्या-क्या। ऊंट मेला और रेगिस्तान की नजदीकी है

6. ब्रह्मा मन्दिर

यहां पर देश का इकलौता ब्रह्मा मन्दिर है।

7. सांस्कृतिक कार्यक्रम

स्थानीय प्रशासन इस मेले की व्यवस्था करता है एवं कला संस्कृति तथा पर्यटन विभाग इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।

फुटबॉल का रोमांचक मैच

पुष्कर मेले के शुभारंभ पर मेला मैदान में देशी और विदेशी टीमों के बीच फुटबॉल का रोमांचक मैच खेला गया

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