किलों ने भारत और शायद पूरी दुनिया के मध्यकालीन इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 

उस समय किले राजाओं, कुलों और शासकों के लिए आक्रमणकारियों के खिलाफ एक रक्षा तंत्र के रूप में कार्य करते थे। 

आपने आजतक कई लोकप्रिय किलों के बारे में सुना होगा, लेकिन आज उन अनदेखे किलों के बारे में भी जान लीजिए 

चलिए आपको इन अनसुने किलों के बारे में बताते हैं, जिनके बारे में शायद ही जानते होंगे आप। 

दौलताबाद किला, महाराष्ट्र - Daulatabad Fort, Maharashtra

14 वीं शताब्दी में मुहम्मद-बिन तुगलक के कब्जे में आने के बाद इसका नाम दौलताबाद किला रख दिया गया 

नरवर किला, मध्य प्रदेश - Narwar Fort, Madhya Pradesh

राजपूत शैली में निर्मित, यह किला जमीनी स्तर से 500 फीट ऊपर एक पहाड़ी के ऊपर स्थित है। 

धनीधार किला, जम्मू और कश्मीर - Dhanidhar Fort, Jammu and Kashmir

धनीधार किला राजौरी जिले से 2 किमी दूर स्थित है। यह किला हरी-भरी घाटी के खूबसूरत नजारे पेश करता है 

किला मुबारक, पंजाब - Qila Mubarak, Punjab

किला मुबारक भारत का सबसे पुराना किला है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इसे 90-110 ईस्वी में कुषाण सम्राट कनिष्क ने बनवाया था। 

मुरुद जंजीरा किला, महाराष्ट्र - Murud Janjira Fort, Maharashtra

यह किला मुरुद के बंदरगाह शहर में स्थित है, जो मुंबई से 165 किमी दूर है। 

मूल रूप से किला एक छोटी लकड़ी की संरचना थी जिसे 15 वीं शताब्दी के अंत में कोली प्रमुख द्वारा बनाया गया था  

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