दुनिया भर में मोहब्बत की निशानी समझे जाने वाले ताज महल के बारे में अब तक बहोत कुछ कहा और पढ़ा जा चुका है 

मगर बहुत सारी बातें ऐसी हैं जो आपको बिल्कुल भी पता नहीं है

हम आपको ताजमहल के बारे में कुछ बेहद ही हैरान करने वाले तथ्यों के बारे में बताएंगे तो हमारे साथ अंत तक बने रहें |

अगर आप कभी ताजमहल गए होंगे या फिर आपने ताजमहल के बारे में पढ़ा होगा तो ये आपको मालूम होगा कि मुमताज महल के मकबरे के छत में एक छेद है। साथ ही मुमताज महल का मकबरा हमेशा नमी में ही रहता है

ताजमहल का निर्माण एक बहुत बड़े चबूतरे पर किया गया है और यह चबूतरा एक बेहद ही खास किस्म की मजबूत लकड़ी पर टिका हुआ है। 

ताजमहल के मीनार थोड़े झुके हुए बनाए गए हैं।कारण  कि दुर्भाग्य से कभी अगर ताजमहल पर बिजली गिरती है तो बिजली ताजमहल के मुख्य मीनार की बजाय इसके कोनों पर मौजूद मीनारों पर गिरे 

आप शायद इस बात पर यकीन नहीं करेंगे की ताजमहल की ऊंचाई भारत के सबसे ऊंचे मीनार कुतुब मीनार से भी ज्यादा है

वैसे तो ताजमहल आश्चर्य से कम नहीं हैं दरअसल ताजमहल के सामने लगा हुआ फव्वारा बिना किसी मशीन और मोटर सिस्टम के चलता है

दरअसल दूसरे विश्व युद्ध के दौरान और 1971 के भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध के दौरान ताजमहल को पूरी तरीके से बांस से और हरे रंग के चादर से ढक दिया गया था।

 ताजमहल बनाने वाले मुख्य कारीगर के हाथ शाहजहां ने कटवा दिए थे ताकि ये कारीगर दुनिया में कहीं फिर से ऐसी इमारत ना बना सके।

ताजमहल को भव्य बनाने के लिए शाहजहां ने दुनिया भर के अलग-अलग देशों से 28 तरह के बेहद ही नायाब और बेहद कीमती पत्थर मंगवाए थे।

माना जाता है कि 1631 से 1653 के बीच ताजमहल के निर्माण पर कुल 32 मिलीयन रुपए यानी लगभग तीन करोड़ 20 लाख रुपए खर्च हुए थे

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