North sentinel Island: आज भी पहेली हैं नॉर्थ सेंटिनल द्वीप

North sentinel Island:दुनिया के लिए आज भी पहेली है नॉर्थ सेंटिनल द्वीप

साल 2004 में हुई सुनामी के दौरान सरकार ने सेंटिनल द्वीप के ऊपर कोस्ट गार्ड के हेलिकॉप्टर भेजे थे, लेकिन आदिवासियों ने हेलिकॉप्टर पर ही तीर चलाने शुरू कर दिए। यह आदिवासी बिल्कुल नहीं चाहते की बाहरी दुनिया से उनका संपर्क हो। भारतीय सरकारों ने काफी बार कोशिश की कि उनको भी Main Stream में लाया जा सके, मगर सारी कोशिशें बेकार साबित हुई।

Highlights

  • नॉर्थ सेंटिनल द्वीप 23 वर्ग मील में फैला है और इस द्वीप पर 60 हजार साल से लोग रह रहे हैं।
  • 2011 की सरकारी जनगणना के मुताबिक यहां सिर्फ 10 घर देखे गए हैं, जिनमें 15 लोगही रहते हैं।
  • भारत सरकार ने भी साल 1997 के बाद इस द्वीप पर बसे लोगों से संपर्क बनाने की कोशिश छोड़ दी।
  • ये लोग बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं बनाना चाहते, इसलिए जो भी ऐसी कोशिश करता है उस पर हमला कर देते हैं और उसे मार देते है।
  • इसी कोशिश में आज तक इस द्वीप पर कई लोगों की जान जा चुकी है। इन सारे हालातों को देखते हुए सरकार ने अब इस आईलैंड पर जाने के लिए पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है।

North sentinel island:नॉर्थ सेंटिनल द्वीप एक अनसुलझी पहेली

नॉर्थ सेंटिनल द्वीप, 23 वर्ग मील के इस छोटे से द्वीप पर 60 हजार साल से लोग रहते हैं, लेकिन हम उनके खाने, बोलने के बारे में कुछ नहीं जानते है।सूनामी और तूफान जैसी आपदाओं के बावजूद वो जीवित रहे हैं। सुनामी और तूफान जैसी आपदाओं का उन्होंने कैसे सामना किया यह भी आज एक रहस्य बना हुआ है।

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यह द्वीप अंडमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर से महज 50 किलोमीटर दूर है। वर्तमान में, इस द्वीप की चर्चा भारत से लेकर अमेरिका में हो रही है क्योंकि एक अमेरिकी पर्यटक जॉन एलन चाऊ (27) की वहां के आदिवासियों ने तीर मारकर हत्या कर दी है। यह पर्यटक जानता था कि द्वीप पर रहने वाले मूल लोग बाहरी लोगों से किसी भी तरह का संपर्क बनाना नहीं चाहते फिर भी वह उस द्वीप पर गया था। उसके इसी कदम से उसकी जान खतरे में पड़ गई और उस द्वीप पर बसे हुए आदिवासी लोगों ने उसको मार डाला।

Interesting Fact About Andaman Nicobar
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सरकारी हेलिकॉप्टर के ऊपर चला दिए गए तीर:North sentinel Island

भारत सरकार ने बहुत बार उन लोगों से संपर्क बनाने की कोशिश की मगर हर बार निराशा ही हाथ लगी। फिर आया साल 2004 जब इंडोनेशिया से आई सुनामी की वजह से बहुत सारे द्वीप के ऊपर सुनामी का पानी आया।साल 2004 में हुई सुनामी के दौरान सरकार ने सेंटिनल द्वीप पर कोस्ट गार्ड के हेलिकॉप्टर भेजे थे, लेकिन आदिवासियों ने हेलिकॉप्टर पर ही तीर चलाने शुरू कर दिए। 2006 में, दो मछुआरे अपनी नाव के साथ भटकते हुए आइलैंड के करीब पहुंचे और जान से हाथ धो बैठे। 1981 में, आइलैंड की रीफ के पास एक जहाज फंसा, तो स्थानीय लोग तीर-कमान और भाले लेकर जहाज के क्रू पर हमला करने लगे। फिर बढ़ी मुश्किल से हेलिकॉप्टर की मदद से लोगों को बचाया गया।

Coconut Lover People: आदिवासियों ने नारियल को स्वीकार किया

इंटरनेट पर मौजूद कई सारी वीडियो में से एक विडियो के अनुसार, 1991 में सरकार ने पहली बार दोस्ती की, जब एक नाव में कई नारियल लादकर आइलैंड के करीब ले गए। तब वहां पहली बार नारियल गिराए गए और स्थानीय लोगों ने खुशी से उन्हें उठाते देखा। वास्तव में, इस आइलैंड पर कोई नारियल नहीं है, लेकिन स्थानीय लोग इन्हें बहुत पसंद करते हैं। इसके बावजूद, यह पहला और अंतिम मौका था कि बाहरी लोग और उस द्वीप पर रहने वाले लोग उनके बीच संपर्क हो चुका था। 1997 के बाद सरकार ने संपर्क की कोशिश छोड़ दी।North sentinel Island

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सेंटिनल द्वीप के आदिवासियों से संपर्क न करने की दूसरी वजह यह भी है कि बाहरी दुनिया से संपर्क में आते ही इन लोगों को कई बीमारियां होने का खतरा है। इसलिए ट्विटर पर बहुत से लोग द्वीप के आदिवासियों से संपर्क बनाने की आलोचना कर रहे हैं। एक मशहूर शख्स ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए एक ट्वीट किया: मुझे डर है कि बाहरी लोगों के शरीर से आदिवासी लोगों में बीमारी या इन्फेक्शन न फैल गया हो। यदि हममें से कोई निहत्था भी इन आदिवासी लोगों के बीच घुस गया, तो उन्हें चिकनपॉक्स या एनफ्लूएंजा जैसी कोई भी बीमारी हो सकती है, जो उनकी बची-खुची आबादी को भी मार डालेगी।North sentinel Island

north sentinel island
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क्यों असाधारण है यह आइसलैंड:Why North sentinel Island Is So Special?

  • 2011 में सरकार ने आम जनगणना की थी।उसी आम जनगणना के मुताबिक द्वीप पर 10 घर पाए गए हैं।
  • इन 10 घरों में सिर्फ 15 लोग ही रहते हैं, ऐसा मालूम पड़ा है।
  • सरकार ने बहुत सारी कोशिशें की कि इनके बारे में और कुछ जानकारी हासिल हो मगर इनकी भाषा, संस्कृति और खानपान के बारे में कोई जानकारी नहीं है। यह एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है।
  • पोर्ट ब्लेयर से 50 किलोमीटर दूर है ये आइलैंड। रहस्यमई द्वीप अंडमान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर से महेश 50 किलोमीटर की दूरी पर है। यह जगह इतनी नजदीक होने के बावजूद यहां कोई नहीं जा सकता।
  • नॉर्थ सेंटिनल द्वीप महज 23 वर्ग मील में है फैला है। हालांकि एक टापू बहुत ज्यादा बड़ा नहीं है। सिर्फ और सिर्फ 23 वर्ग मील में फैला हुआ है। सरकार चाहे तो इसे 2 मिनट में अपने कब्जे में कर सकती है मगर ऐसा करने से वहां की जो आदिवासी आबादी है उनकी जान को खतरा हो सकता है इसीलिए सरकार ऐसे कदम नहीं उठाती है।
  • यहां आदिवासी करीब 60 हजार सालों से रह रहे हैं। वैज्ञानिक लोग आज भी मानते हैं कि इस आइलैंड के ऊपर करीब करीब 60000 सालों से लोग रहते हैं। और इन्होंने आज तक कभी भी किसी भी हालत में इस आईलैंड को छोड़ा नहीं है।
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North sentinel Island वहां कोई नहीं जा सकता
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